स्तरीय मेडिकल सेवा के लिए सज्ज हुई स्वास्थ्य व्यवस्था
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में साईड आयसीयू समेत अतिरिक्त दवाखाने, एम्बुलेन्स
नासिक,
27 अगस्त।
नासिक के सिंहस्थ कुम्भमेले
के दौरान भक्तों को उत्कृष्ट, एवं
स्तरीय मेडिकल सेवा उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र सरकार का स्वास्थ्य विभाग
पूरी तरह तत्पर है। मेले के
दौरान कोई इमरजन्सी पैदा होने की स्थिति में तत्काल रूग्ण सेवा उपलब्ध कराने हेतू नाशिक में आठ तथा त्र्यंबकेश्वर में चार जगहों पर ‘साईड आयसीयू’ निर्माण किये गये है। नाशिक के
पंचवटी कारंजा एवं तपोवन में एक अलग अस्पताल कार्यान्वित हो चुका है। विशिष्ट क्षेत्र में आधे किलोमीटर के फासले पर हेल्थ डिस्पेन्सरी शुरू
की गई है।
सिंहस्थ कुम्भमेला पर्वणी
की अवधि में नाशिक एवं त्र्यंबकेश्वर में श्रद्धालुओं की भीड़ को मद्दे नजर आवश्यक स्तरीय मेडिकल सुविधा सुलभ बनाने के लिए राज्य के जलसंसाधन मंत्री एवं कुम्भ मेले की प्रभारी श्री. गिरीश महाजन प्रारंभ से ही विशेष रूप से सक्रिय रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक डॉ. बी डी
पवार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग
ने विभिन्न उपाय आयोजित किये है। नाशिक जिला सामान्य अस्पताल में फिलहाल 541 बेड्स है। वह बढ़ाकर अतिरिक्त 200 बेड्स का प्रबंध किया गया है। त्र्यंबकेश्वर ग्रामीण अस्पताल में नये अतिरिक्त 70 बेड्स का विस्तार कर के अस्पताल की क्षमता 100 बेड्स तक
बढ़ा दी गई है।
नाशिक शहर के पंचवटी कारंजा के 112 बेड्स की क्षमता वाले इंदिरा गांधी अस्पताल
को आयसीयू समेत कार्यन्वित कर
दिया गया है। तपोवन परिसर में 100 बेड का
अस्पताल शुरू किया गया है। रामकुंड वस्त्रांतर गृह, लक्ष्मीनारायण मंदिर, साधुग्राम सेक्टर 1 डी,2 सी,2 ए-इन पाच जगहों
पर दवाखाने शुरू हो
चुके हैं। रामकुंड, इंदिरा गांधी रुग्णालय, तपोवन रुग्णालय,
लक्ष्मीनारायण मंदिर में
एम्बुलेन्स तैनात की
गई है। शहरी आरोग्य सेवा केंद्र, नाशिक, नाशिकरोड, सातपूर, सिन्नर फाटा, सिडको, संत गाडगेबाबा महाराज कथडा,
आरसीएच केंद्र गंगापूर, इंदिरा गांधी हॉस्पिटल आदि 8 स्थलोंपर आपात्तकालीन दस्ते भी तैनात रखे गये हैं। मेडिकल अधीक्षक डॉ. बी.आर. गायकवाड ने
बताया कि तीनों पर्वणी के दौरान नाशिक में विशेष आरोग्य सेवा उपलब्ध
करायी जाने वाली है। स्नान घाट, अंतर्गत एवं बाह्य वाहनस्थल क्षेत्र में 32 दवाखाने शुरू
किये जानेवाले है। शाही
मार्ग, घाट परिसर, अस्पताल, हवाईअड्डा क्षेत्र तथा नाशिक शहर की
ओर पहुंचनेवाली विभिन्न सडकों पर 93 एम्बुलेन्स रखी जाने वाली है। इसके अलावा गंभीर मरीजों के उपचार के लिए एकमुखी दत्त मंदिर, बालाजी घाट, आयुर्वेद रुग्णालय, कपिला गोदावरी संगम घाट, नासर्डी संगम, कन्नमवार पूल घाट, नांदूर
घाट, दसक घाट इन 8
स्थानोंपर अतिदक्षता विभाग (साईट आयसीयू) निर्माण किये
जानेवाले है। कुंभमेले के दौरान 82 मोबाइल दवाखाने लगाये
जायेंगे।
इमरजन्सी मेडिकल सेवा के तहत 108 हेल्पलाईन की
तकरीबन 150 एम्बुलेन्स तैनात की गईं हैं। अनेक प्राइवेट अस्पताल तथा स्वयंसेवी संस्थाओं
की एम्बुलेन्स्स भी
उपलब्ध है। अत्याधुनिक जीवनरक्षक प्रणाली (ॲडव्हान्सड
लाईफ सपोर्ट) से सज्ज 35 एएलएस एम्बुलेन्स तैयार रखी गई है। उनमें हार्ट एटैक से
पीडित मरीजों के लिए आवश्यक जांच
उपकरण, ईसीजी, मॉनिटर, डिफोबिलिटर, व्हेन्टीलेटर, स्ट्रेचर, ऑक्सिजन आदी मशीनों का प्रबंध है। इसके अलावा 40 मुलभूत जीवनरक्षक प्रणाली युक्त (बेसिक
लाईफ सपोर्ट) एम्बुलेन्स भी तैनात रखी गई है। इन सभी एम्बुलेन्स को
जीपीआरएस प्रणाली से
जोड़ा गया है। अन्य दिनों में पुणे में होने वाला जीपीआरएस ट्रेकिंग कुम्भमेला
के दौरान नाशिक में होगा।
जिला
सर्जन डॉ. एकनाथ
माले ने
बताया कि, कुम्भमेले में
श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए 400 से अधिक
मेडिकल अधिकारी, फार्मासिस्ट, नर्सेस् ,एक्सरे टेक्निशियन आदी अधिकारी-कर्मचारीयों की नियुक्ती की गई है। जिले के 14 ब्लड बैंक
में प्रचुर मात्र में रक्तसंग्रह किया जायेगा। इस सिलसिले में आरोग्य विभाग स्वयंसेवी संस्थाओं
के संपर्क में है।
त्र्यंबकेश्वर में 11 स्थलों पर स्थायी डिस्पेन्सरीज चौबीस
घंटे कार्यरत होगी।
कुशावर्त परिसर में मेडिकल दस्ते के साथ साईड आयसीयू बनाये
जाने वाले है। उप जिल्हा अस्पताल
एवं हरसूल, गिरणारे के ग्रामीण अस्पतालों को आवश्यक उपकरणों, दवाईयों के स्टॉक से सुसज्ज कर
दिया गया है। इगतपुरी, टाकेद, कावनई, सप्तशृंगीगड की मेडिकल वैद्यकीय सुविधाएं भी सक्षम की गयी है। नाशिक-त्र्यंबकेश्वर की
ओर आने वाले हाईवेज़ पर स्थित दवाखानों, प्राथमिक आरोग्य केंद्र, उप केंद्रों में स्टाफ समेत
पर्याप्त
साधन सामग्री दे दी गई है।
जल से
होने वाली बीमारी , संक्रामक रोग का फैलाव टालने के लिए पानी
शुद्धीकरण समेत अनेक एहतियाती उपाय स्वास्थ्य विभाग ने किये है। निजी अस्पतालों में आरोग्य सेवा पूर्ति
कराने की दृष्टि से
जिला प्रशासन से समन्वय साधा गया है। कुम्भमेला की अवधि में सक्षम एवं सुचारू मेडिकल सेवा उपलब्ध कराने की चुनौती का सामना करने के लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग तंत्र सुसज्ज हो गया है।
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मोटारसायकल
एम्बुलेन्स का
होगा इस्तेमाल…
संकरी सड़कों एवं छोटी गलियों में जहां एम्बुलेन्स का प्रवेश संभव नहीं होगा वहां मोटरसाइकल एम्बुलेन्स
की सुविधा उपलब्ध कराई जाने वाली है। इस दुपहिया वाहन पर फोल्डिंग स्ट्रेचर एवं अन्य आवश्यक सामान लेकर डॉक्टर और
उनके सहायक उन स्थलों पर पहुंच जाएंगे जहां मदद की जरूरत है। आवश्यकता पड़ने पर प्रथमोपचार के
बाद स्वयंसेवको की
मदद से मरीजों को फोल्डिंग स्ट्रेचर से
एम्बुलेन्स तक ले जाया जायेगा।
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किशोर गांगुर्डे, नासिक, 27
अगस्त 2015
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